हमारे हिन्दुस्तान में
हिन्दी कम जानना या नहीं जानना बड़े गर्व की बात है,
पर अंग्रेजी कम जानना एक शर्म की बात है
और अंग्रेजी नहीं जानना डूब मरने की बात है।
... फिर भी न जाने कैसे हम निर्लज्जों को राष्ट्र पर गर्व है
– प्रकाश 'पंकज'
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गुरुवार, 21 अक्टूबर 2010
मंगलवार, 14 सितंबर 2010
कैसे गूंगा भारत महान जिसकी कोई राष्ट्रभाषा नहीं ?
कैसे गूंगा भारत महान जिसकी कोई राष्ट्रभाषा नहीं ?
मेरी दो कविताएँ हमारी मातृभाषा को समर्पित :
मेरी दो कविताएँ हमारी मातृभाषा को समर्पित :
– प्रकाश ‘पंकज’
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