गुरुवार, 30 सितंबर 2010

कोई न जीता कोई न हारा, बहने दी हमने न्याय की धारा

कोई न जीता कोई न हारा, 
बहने दी हमने न्याय की धारा,
आज चमकता दीख रहा है, 
लोकतंत्र का एक सितारा प्रकाश 'पंकज'

रविवार, 26 सितंबर 2010

वो राधा-किशन का प्रेम कहाँ? जगती जिसको दोहरा न सकी।

प्रेम गीत एक लिखने को
फिर कलम हमारी चल न सकी,
वो राधा-किशन का प्रेम कहाँ
जगती जिसको दोहरा न सकी? - प्रकाश 'पंकज'