रविवार, 26 सितंबर 2010

वो राधा-किशन का प्रेम कहाँ? जगती जिसको दोहरा न सकी।

प्रेम गीत एक लिखने को
फिर कलम हमारी चल न सकी,
वो राधा-किशन का प्रेम कहाँ
जगती जिसको दोहरा न सकी? - प्रकाश 'पंकज'

1 टिप्पणी:

  1. bahut sahi kaha hai aapne



    प्यार असल में वो ही है
    जो दोहराया न जाये

    Shephs

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