शुक्रवार, 27 अगस्त 2010

संघर्ष बस अपना रहा, यह कर्म ही अपना रहा ।


न जीत ही अपनी रही, न हार  ही अपनी रही,
संग्राम बस अपना रहा, कर्मभूमि बस अपनी रही ।  
- प्रकाश 'पंकज'

3 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया...


    न हार ही अपना रहा/रही???

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  2. त्रुटि के लिए क्षमा समीर जी, और धन्यबाद हमारे ब्लॉग पर आने के लिए ..

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